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नसों में रहती है दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ तो कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚ और कà¥à¤¯à¤¾ नहीं? डायटीशियन से जानें डाइट टिपà¥à¤¸
नसों में दरà¥à¤¦ की शिकायत होने पर अपने डाइट का विशेष धà¥à¥Ÿà¤¾à¤¨ रखें। ताकि अपनी इस परेशानी को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² कर सकें। चलिठजानते हैं इस बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से-
आधà¥à¤¨à¤¿à¤• जीवनशैली में लोगों को जितनी सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤à¤‚ मिल रही हैं, उससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लोगों में सेहत से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ परेशानियां बढ़ रही हैं। जीलवशैली में लगातार हो रहे बदलावों के कारण लोगों को कई गंà¤à¥€à¤° बीमारियां अपनी चपेट में ले रही हैं। गंà¤à¥€à¤° परेशानियों के साथ-साथ लोगों के शरीर से लेकर हाथ-पैरों और नसों में दरà¥à¤¦ की शिकायतें बढ़ ररही हैं। नसों में दरà¥à¤¦ होना गलत दिनचरà¥à¤¯à¤¾ की निशानी होती है। अगर आप अपने लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² को सही नहीं करते हैं, तो इससे आपको कई अनà¥à¤¯ परेशानियां हो सकती हैं। अगर आपके नसों में दरà¥à¤¦ हो रहा है, तो नजरअंदा न करें बलà¥à¤•ि डॉकà¥à¤Ÿà¤° से उचित सलाह लें। साथ ही अपने खानपान का विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें। आज हम आपको इस लेख में कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ डाइट के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे नसों में दरà¥à¤¦ होने पर खाना चाहिठऔर कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ जिनसे दूर रहना चाहिà¤à¥¤
डायट मंतà¥à¤°à¤¾ कà¥à¤²à¥€à¤¨à¤¿à¤• की डायटीशियन कामिनी बताती हैं कि नसों में दरà¥à¤¦ होने पर सबसे पहले यह जानने की जरूरत होती है कि आपके नसों में दरà¥à¤¦ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ हो रहा है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि नसों में दरà¥à¤¦ कई कारणों से हो सकता है। जैसे- नसें फà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤µà¤² नहीं हैं, नसों पर दबाव जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है या फिर आपके शरीर को à¤à¤°à¤ªà¥‚र रूप से पोषण नहीं मिल पा रहा है। वहीं, कà¥à¤› सामानà¥à¤¯ कारणों से à¤à¥€ नसों में दरà¥à¤¦ हो सकता है। डायटीशियन कहती हैं कि नसों में दरà¥à¤¦ के कारणों के आधार पर डाइट का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ किया जाता है। ताकि उस कारण को खतà¥à¤® करके आपकी समसà¥à¤¯à¤¾ को कम किया जा सके।
ओबेसिटी
वजन जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने की वजह से नसों पर पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° आता है, जिसके कारण आपकी नसों में दरà¥à¤¦ हो सकता है। डायटीशियन कामिनी का कहना है कि अगर वजन के कारण आपकी नसों में दरà¥à¤¦ हो रहा है, तो इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आपको हाई फाइबरयà¥à¤•à¥à¤¤ डाइट का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करना चाहिà¤à¥¤ जैसे- ओटमील, पोपकॉरà¥à¤¨, दलिया, साबà¥à¤¤ अनाज को अपने आहार में लेना चाहिà¤à¥¤
बढ़ती उमà¥à¤°
डायटीशियन कामिनी का कहना है कि बढ़ती उमà¥à¤° के कारण à¤à¥€ आपके नसों में दरà¥à¤¦ हो सकता है। खासतौर पर 50 -60 वरà¥à¤· से अधिक उमà¥à¤° के लोगों को नसों में दरà¥à¤¦ होना सामानà¥à¤¯ है। दरअसल, बढ़ती उमà¥à¤° में नसें कमजोर हो जाती हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस समय शरीर सà¤à¥€ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को सही रूप से अवशोषित नहीं कर पाता है।
अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक
डायटीशियन कहती हैं कि कà¥à¤› सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में नसों में दरà¥à¤¦ अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक à¤à¥€ हो सकता है। अगर आपकी फैमिली में किसी को नसों में दरà¥à¤¦ की परेशानी है, तो आपको à¤à¥€ यह समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² असंतà¥à¤²à¤¨
हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² असंतà¥à¤²à¤¨ होने के कारण à¤à¥€ आपकी नसों में दरà¥à¤¦ हो सकता है। खासतौर पर पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में महिलाओं के शरीर में कई तरह के हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव होते हैं, जिसके कारण उनकी नसों में दरà¥à¤¦ होती है। इसके अलावा कà¥à¤› अनà¥à¤¯ परेशानियों के कारण à¤à¥€ नसों में दरà¥à¤¦ हो सकता है। जैसे- अगर आपकी जीवनशैली सà¥à¤¥à¤¿à¤° है, तो आपके शरीर की नसों में दरà¥à¤¦ हो सकता है। इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿à¥¤
डायटीशियन का कहना है कि इन मामलों में हमें अपने डाइट पर विशेषतौर पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
नसों में दरà¥à¤¦ होने पर कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚
हाई फाइबर का सेवन -
मोटापे की वजह से अगर आपकी नसों में दरà¥à¤¦ हो रहा है, तो इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में अपना वजन कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करें। वजन को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने के लिठअपने आहार में हाई फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार जैसे- साबà¥à¤¤ अनाज, दलिया, ओटà¥à¤¸, नारियल पानी को शामिल करें।
सोडियम -
अगर आपकी नसों में दरà¥à¤¦ हो रहा है, तो अपने डाइट में à¤à¤°à¤ªà¥‚र रूप से सोडियम शामिल करें। डायटीशियन का कहना है कि नमक का हमारे डाइट में अहम योगदान होता है। नमक के सेवन से बà¥à¤²à¤¡ और नसों में वॉटर लिज होता है। इससे फà¥à¤²à¥‚ड बढता है, जिससे बà¥à¤²à¤¡ का सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ अचà¥à¤›à¤¾ होता है।
विटामिन सी -
डायटीशियन का कहना है कि नसों में दरà¥à¤¦ होने पर अपने आहार में विटामिन सी को शामिल करना चाहिà¤à¥¤ विटामिन सी लेने से नसों में इलासिटी बनी रहती है। अगर शरीर में विटामिन सी की कमी हो जाà¤, तो आपकी नसों में दरà¥à¤¦ हो सकता है। खासतौर पर पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में à¤à¤°à¤ªà¥‚र रूप से विटामिन सी लेना चाहिà¤à¥¤ इसलिठअपने डाइट में विटामिन सी यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार जैसे- नींबू, आंवला, संतरा, पाइनà¤à¤ªà¥à¤ªà¤² (पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में परहेज करें) को à¤à¤°à¤ªà¥‚र रूप से लें।
आयरन यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार-
नसों में दरà¥à¤¦ होने पर आपको आयरन से à¤à¤°à¤ªà¥‚र आहार जैसे- अनार, पालक, चà¥à¤•ंदर, बà¥à¤°à¥‹à¤•ली जैसी चीजों का सेवन करना चाहिà¤à¥¤
विटामिन ई -
बà¥à¤²à¤¡ कà¥à¤²à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤‚ग की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में अगर आपको नसों में दरà¥à¤¦ हो रहा है, तो इस दौरान आपको अपने आहार में विटामिन ई और विटामिन सी से à¤à¤°à¤ªà¥‚र आहार का सेवन करना चाहिà¤à¥¤ विटामिन ई के सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ मारà¥à¤•ेटà¥à¤¸ में उपलबà¥à¤§ हैं। इसके अलावा कई तरह के नटà¥à¤¸ जैसे- अखरोट, काजू, बादाम, कदà¥à¤¦à¥‚ के बीजों में विटामिन सी मौजूद होता है। इसके अलावा ऑलिव ऑयल को à¤à¥€ आप अपने अहार में शामिल कर सकते हैं।
विटामिन डी -
डायटीशियन कामिनी का कहना है कि नसों में दरà¥à¤¦ के दौरान आपको विटामिन डी यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार लेने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। इस दौरान à¤à¤°à¤ªà¥‚र रूप पर विटामिन डी लें। मशरूम, बादाम, सोया मिलà¥à¤•, ओटà¥à¤¸, संतरे का जूस, अनाज और धूप विटामिन डी के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ होते हैं।
डायटीशियन
पानी -
डायटीशियन कामिनी बताती हैं कि नसों में दरà¥à¤¦ होने पर à¤à¤°à¤ªà¥‚र रूप से पानी पीना चाहिà¤à¥¤ कà¥à¤› लोगों का कहना होता कि नसों में दरà¥à¤¦ होने पर हैंडपंप का पानी नहीं पीना चाहिà¤, इससे नसों में दरà¥à¤¦ होता है। लेकिन यह बात बिलà¥à¤•à¥à¤² मिथ है। इन बातों पर à¤à¤°à¥‹à¤¸à¤¾ न करें। बलà¥à¤•ि आपको इस दौरान अधिक से अधिक पानी पीने की जरूरत होती है। साथ ही हैंडपंप का पानी बहà¥à¤¤ ही पà¥à¤¯à¥‹à¤° होता है। इसमें कई तरह के पोषक ततà¥à¤µ मौजूद होते हैं, जो आपके शरीर के लिठजरूरी हैं।
इसके अलावा डायटीशियन का कहना है कि नसों में दरà¥à¤¦ होने पर कà¥à¤› लोगों का कहना होता है कि दही और नॉनवेज खाने से नसों की दरà¥à¤¦ बढ़ जाती है। लेकिन à¤à¤¸à¤¾ नहीं है। आप नॉरà¥à¤®à¤² टेपà¥à¤°à¥‡à¤šà¤° की दही का सेवन कर सकते हैं। इससे किसी à¤à¥€ तरह की परेशानी नहीं होती है। वहीं, नॉनवेज à¤à¥€ खा सकते हैं। इससे किसी तरह की परेशानी नहीं होती है।
नसों में दरà¥à¤¦ होने पर कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚
डायटीशियन का कहना है कि नसों में दरà¥à¤¦ होने पर कà¥à¤› चीजों से परहेज करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। ताकि आपकी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ न बढ़ें। जैसे-
रिफाइंड कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¡ की मातà¥à¤°à¤¾ कम लें।
तेल और मसालों को सेवन कम से कम करें।
शराब और धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ का सेवन न करें।
कà¥à¤› जरूरी टिपà¥à¤¸
वजन को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² में रखने की जरूरत खासतौर पर है।
हाई हीलà¥à¤¸ न पहनें
इसके अलावा नियमित रूप से à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करें।
नसों में दरà¥à¤¦ होने पर आप इन बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखकर अपनी परेशानी को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² कर सकते हैं। लेकिन धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि अगर आपको लंबे समय से नसों में दरà¥à¤¦ हो रहा है, तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। ताकि आगे होने वाली गंà¤à¥€à¤° परेशानियों से बचा जा सके।
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